भारतीय जनता पार्टी पार्षद दल द्वारा नगर निगम में कांग्रेस महापौर सफीरा साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 29 अगस्त को आहूत सम्मिलन में पारित होगा। कांग्रेस की महापौर बीते साढ़े तीन साल में शहर की जनता की सेवा करने में पूर्णतः असफल रही हैं। नाराज जनता की भावना के अनुरुप महापौर को नैतिकता के आधार पर स्वत: पद का त्याग कर देना चाहिए। ये बातें मोतीलाल नेहरू वार्ड के भाजपा पार्षद आलोक अवस्थी ने कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि अपने अधिक संख्या बल के आधार पर निगम में आसीन कांग्रेस अधिक आशान्वित न रहें, अपनों की व जनता की अनदेखी उन्हें भारी पड़ने वाली है।
भाजपा पार्षद आलोक अवस्थी ने कहा कि शहर की तमाम व्यवस्थाएं, जो नगर निगम के द्वारा जनता को मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये की जाती हैं, पूर्णतः ध्वस्त हो चुकी हैं। सबसे प्रमुख मसला स्वच्छता का है। कांग्रेस महापौर की अगुवाई में शहर की स्वच्छता हाशिये पर पहुंच गयी है। जो सीधे जनता के स्वास्थ्य व जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है। नगर निगम की लचर सफाई व्यवस्था से पिछले वर्ष डेंगू का भयंकर प्रकोप शहर में बरपा था और एक दर्जन से अधिक मौतें हुई थी।
आलोक अवस्थी ने कहा कि भाजपा के 19 पार्षदों के वार्डों में लगातार भेदभाव करने की निम्न स्तरीय राजनीति की जाती रही है। कांग्रेस के भी ऐसे कई पार्षद है, जो इस भेदभाव वाली पीड़ा से गुजर रहे हैं। महापौर कृपया बतायें कि भाजपा सहित अन्य पार्षदों के वार्ड व वहां के निवासी शहर का हिस्सा नहीं हैं, क्या उनके प्रति महापौर की जिम्मेदारी नहीं बनती है ? पिछले साढ़े तीन साल का कार्यकाल शहर की तमाम व्यवस्थाओं को धराशायी करने वाला रहा है। जनता के मध्य से उठी आवाज का मुखर स्वरूप भाजपा पार्षद दल का लाया अविश्वास प्रस्ताव है, जो सावन पूर्णिमा के एक दिन पूर्व 29 अगस्त को महापौर के खिलाफ पारित होगा।