छत्तीसगढ़ शासन की 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति' एवं 'नियद नेल्ला नार' योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से आत्मसमर्पण किया।
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आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक पुरूष नक्सली पर आठ लाख एवं दो महिला नक्सली पर पांच-पांच लाख, तीन महिला एवं एक पुरूष नक्सली पर दो-दो लाख, कुल 26 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सलियों को आत्मससमर्पण कराने के लिए प्रोत्साहित कराने में थाना चिंतलनार, नक्सल सेल सुकमा, 2, 74 एवं 241, वाहिनी सीआरपीएफ, 203 वाहिनी कोबरा, डीआईजी ऑफिस आरएफटी सुकमा, कोंटा आसूचना शाखा कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है।