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राष्ट्रीय रामायण महोत्सव: कुमार विश्वास बोले- राम वनगमन पथ का दौरा कर उनके चरणों की धूलि लूं, तो मेरा सौभाग्य

Sat, 03 Jun 2023 03:49 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

जो श्रीराम पूरे विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ में रहने वाली वनवासी माता शबरी ने ज्ञान का मार्ग दिखाया। शबरी ने ही उन्हें कहा कि पंपा सरोवर जाएं और सुग्रीव से मिलें। मैं उन सभी जगहों पर जाना चाहूंगा, जहां-जहां प्रभु श्रीराम के पांव पड़े
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कवि कुमार विश्वास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जो श्रीराम पूरे विश्व को ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ में रहने वाली वनवासी माता शबरी ने ज्ञान का मार्ग दिखाया। शबरी ने ही उन्हें कहा कि पंपा सरोवर जाएं और सुग्रीव से मिलें। मैं उन सभी जगहों पर जाना चाहूंगा, जहां-जहां प्रभु श्रीराम के पांव पड़े। मैं उस मार्ग का दौरा करना चाहता हूं, जहां से राघवेंद्र सरकार गुजरे। उनकी चरण धूलि ले जाऊ तो ये मेरा सौभाग्य होगा। ये बातें प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने रायगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में कहीं। वे आज लोगों को रामकथा का रसपान कराएंगे। 
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कुमार विश्वास ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य है कि यहां श्रीराम के चरणों की धूलि पड़ी। भगवान श्रीराम विश्व मंगल, लोक मंगल और समरस शासन की सबसे बड़ी अवधारणा हैं। 1932 में महात्मा गांधी ने नव जीवन अखबार में रामराज्य और भारत पर अपने विचार लिखे थे। मैं बरसों से छत्तीसगढ़ आ रहा हूं। छत्तीसगढ़ में श्रीराम के वनगमनपथ के विकास के संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर बात हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत से इस संबंध में चर्चा होती है। मुख्यमंत्री को राम वनपथगमन के विकास और राष्ट्रीय स्तर पर इस सुंदर आयोजन के लिए मैं धन्यवाद देता हूं। रामकथा को लेकर, उनके पुण्यस्थलों को सहेजने को लेकर बहुत अच्छा काम हो रहा है। 

कुमार विश्वास देंगे अरण्यकांड पर प्रस्तुति
विश्वास ने कहा कि आज अरण्यकांड पर मेरी प्रस्तुति होगी। जब श्रीराम छत्तीसगढ़ में वनवास में आए होंगे। उस समय यहां सघन वन रहा होगा। उस समय जनजातियों से उनके आत्मीय संवाद हुए। श्रीराम ने हमें बताया कि यहां के वनवासी कितने सरल हैं। कितने आत्मीय हैं और हमेशा सत्य के साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी विशेष इच्छा माता कौशल्या एवं माता शबरी पर केंद्रित व्याख्यान करने की है। माता कौशल्या जिन्होंने अपने पुत्र को लोक कल्याण के लिए वन भेज दिया। इसके लिए बहुत बड़ा दिल चाहिए। इन सब की कथा कहना चाहता हूं। रायगढ़ संस्कारधानी में सुंदर आयोजन हो रहा है। बहुत सुंदर कार्य राम कथा को लेकर भी हुआ है।
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