छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नागाडबरा तिहरे हत्याकांड का फैसला गुरुवार को सामने आ गया है। कबीरधाम जिला अपर सत्र न्यायालय ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नागाडबरा तिहरे हत्याकांड का फैसला गुरुवार को सामने आ गया है। कबीरधाम जिला अपर सत्र न्यायालय ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा है।
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यह मामला 14 जनवरी 2024 का है। पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत माठपुर के आश्रित ग्राम नागाडबरा में एक झोपड़ी से पिता बुधराम बैगा, मां हिरमति बाई और 12 वर्षीय बेटे जोन्हूराम बैगा के जले हुए शव बरामद हुए थे। झोपड़ी में गैस सिलेंडर भी जला हुआ मिला था, जिससे प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे हादसा माना।
हालांकि, परिजनों ने भूमि विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद मामला गरमाया और राजनीतिक रंग भी लिया। विधानसभा में भी यह मुद्दा गूँजा। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने एक माह बाद गांव के 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। आरोपियों पर धारा 148, 302/149, 120बी, 201/149 और 436/149 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मगर लंबी सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका और अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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नागाडबरा हत्याकांड का फैक्ट फाइल
घटना की तारीख- 14 जनवरी 2024
एफआईआर दर्ज- 22 फरवरी 2024
अभियोग पत्र प्रस्तुत- 9 मई 2024
आरोप विरचित- 9 जुलाई 2024
साक्ष्य प्रारंभ- 5 अगस्त 2024
निर्णय सुरक्षित- 10 सितंबर 2025
फैसला सुनाया गया- 18 सितंबर 2025
आरोपी जेल में रहे- 22 फरवरी 2024 से 18 सितंबर 2025 तक