"बड़े भाई की हत्या का लांछन लेकर मैं जीना नहीं चाहता, इसलिए मुझे मृत्युदंड की सजा दी जाए।" यह कहना था उस आरोपी का जिस पर बड़े भाई की हत्या का आरोप है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में हुई इस हत्या में आरोपी ने आवेश में आकर बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया, लेकिन अब उसे दुख हो रही है। उसने अदालत में जज के सामने खूब गिड़गिड़ाया कि उसे मौत दे दी जाए।
लेकिन अदालत ने उसके अपराध को मृत्युदंड देने लायक नहीं माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार आरोपी संदीप सिंह ठाकुर अपने बड़े भाई ईश्वर के घर गया था। ईश्वर की पत्नी सुलेखा बाई घटना के समय किचन में थी।
इसी बीच दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात ही बात में आवेश में आकर संदीप ने धारदार हथियार निकालकर कर बड़े भाई ईश्वर के सीने पर प्राणघातक हमला किया, जिससे तत्काल उसकी मौत हो गई।
इस मामले में आरोपी संदीप को धारा 302 के तहत दोषी पाया गया। फैसले से पहले भी आरोपी ने अदालत से गुजारिश की कि उसे मृत्युदंड की सजा दी जाए।
लेकिन अदालत ने आरोपी को दफा 302 के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।