छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बॉर्डर पर चिल्फीघाटी बैरियर।
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छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जिले के ग्राम चिल्फी में परिवहन विभाग की जांच चौकी है। यह गांव मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला अंतिम बॉर्डर है। हर दिन यहां से करीब 300 से अधिक वाहन गुजरते हैं, लेकिन इनकी जांच बिना धर्म कांटा के होती है। खास बात यह है कि इसके बावजूद दो साल में 22 करोड़ का राजस्व मिला है। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में स्थानीय विधायक और मंत्री मोहम्मद अकबर ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (JCCJ) सुप्रीमो व विधायक डॉ. रेणु जोगी के सवाल पर दी है।
दरअसल, विधानसभा में JCCJ विधायक डॉ. रेणु जोगी ने यह मामला उठाया है। उन्होंने प्रदेश के परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर से पूछा कि कबीरधाम जिले के चिल्फी घाटी स्थित परिवहन जांच चौकी में कितने अधिकारी व कर्मचारी पदस्थ हैं? उनके पदनाम और नियुक्ति दिनांक बताएं? यह भी जानकारी मांगी कि परिवहन जांच चौकी चिल्फी में वर्ष 2021-22, 2022-23 में दिनांक 31 जनवरी 2023 तक कितनी गाड़ियों पर कार्रवाई हुई है ? कार्रवाई से कितना राजस्व प्राप्त हुआ है?
रेणु लोगी ने इसके वर्षवार आंकड़े मांगे। साथ ही पूछा कि क्या चिल्फी घाटी बैरियर में धर्मकाटा लगा है? यदि नहीं, तो बिना धर्म कांटे के किस आधार पर कार्रवाई की जा रही है? चिल्फी बेरियर पर धर्म काटा कब तक लग जाएगा? उनके इस सवाल के जवाब में मंत्री अकबर ने बताया कि चिल्फी घाटी में धर्म कांटा नहीं लगा है। यहां कार्रवाई मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 113 व 114 के प्रावधानों के अंतर्गत की जाती है। धर्मकांटा लगाने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, निश्चित समय सीमा नहीं बताई जा सकती।