नक्सली पति पत्नी ने राजनांदगांव में सरेंडर कर दिया। पत्नी गर्भवती थी और उनको डर था कि नक्सल लीडर्स उसका अबॉर्शन करा देंगे।
19 साल के लालसाई को जब पता चला कि उसकी 18 साल की पत्नी कमला गर्भवती है तो वो डर गया। उसे डर था कि वरिष्ठ नक्सल लीडर अबॉर्शन कर देंगे।
एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए कमला ने कहा कि उसकी शादी को डेढ़ साल हो गए हैं। लालसाई ने भी बताया कि शादी से पहले और बाद में नसबंदी कराई जाती है, लेकिन हम हर बार काम का बहाना कर बच गए।
उन्होंने बताया कि जनवरी 18 को जब हमें पता चला कि वे मां-बाप बनने वाले हैं तो वे डर गए।
उन्होंने बताया कि,"सरेंडर करने का विचार डरा रहा था लेकिन हमने माओवाद छोड़ने और सरेंडर करने का फैसला किया। चूंकि हम वहां केंद्रीय भूमिका में थे तो हमारे लिए भागना ज्यादा मुश्किल नहीं था।"
वे बताते हैं कि अधिकतर युवा यूनिफॉर्म, बंदूक और रफ टफ लाइफस्टाइल के चलते नक्सल आंदोलन से जुड़ जाते हैं।
राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक संजीव शुक्ला बताते हैं कि जो सुविधाएं सरेंडर करने वाले नक्सलियों को दी जाती हैं वे इनको दी जाएंगी।