मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को लेकर पिछले कई महीनों से चल रही राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष के आरोपों के बीच राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने 12 जुलाई 2026 को अनुमति पत्र (एलओपी) जारी कर दिया है। इसके साथ ही शासकीय मेडिकल कॉलेज, मनेंद्रगढ़ को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ औपचारिक मान्यता एवं प्रवेश की अनुमति मिल गई है।
भारत सरकार के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने विस्तृत निरीक्षण, आवेदन, दस्तावेजों, आधारभूत संरचना, संकाय सदस्यों तथा अन्य सभी निर्धारित मानकों का परीक्षण करने के बाद यह अनुमति जारी की है। इससे स्पष्ट हो गया है कि मेडिकल कॉलेज राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सभी आवश्यक मानकों पर खरा उतरा है।
मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को लेकर जब कांग्रेस नेताओं ने लगातार बयानबाजी करते हुए इसकी अनुमति पर सवाल उठाने शुरू किए थे, तब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया के समक्ष पूरे विश्वास के साथ कहा था कि, 'मनेंद्रगढ़ का शासकीय मेडिकल कॉलेज इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा। मेडिकल कॉलेज सभी आवश्यक मानकों, मापदंडों और दस्तावेजों पर पूरी तरह खरा उतरेगा तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से अनुमति अवश्य मिलेगी।'
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि आवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट तथा सभी आवश्यक अभिलेखों की जांच के बाद शासकीय मेडिकल कॉलेज, मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़) को 50 एमबीबीएस सीटों के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान की जाती है। यह मेडिकल कॉलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से संबद्ध रहेगा तथा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
पिछले कुछ समय से कांग्रेस के कई नेताओं द्वारा यह कहा जा रहा था कि मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को अनुमति नहीं मिलेगी अथवा आवश्यक मानकों में कमी के कारण इसकी स्वीकृति अटक सकती है। लेकिन अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के आधिकारिक अनुमति पत्र ने उन सभी दावों और आशंकाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
इन शर्तों के अधीन मिली स्वीकृति
• मेडिकल कॉलेज को सभी निर्धारित मानकों का निरंतर पालन करना होगा।
• अस्पताल, संकाय सदस्य, उपकरण एवं आधारभूत सुविधाएं तय मानकों के अनुरूप बनाए रखनी होंगी।
• भविष्य के निरीक्षणों में किसी प्रकार की कमी मिलने पर आयोग आवश्यक कार्रवाई कर सकेगा।
• कॉलेज को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संकाय सदस्यों, छात्रों, अस्पताल सेवाओं एवं अन्य जानकारी नियमित रूप से अद्यतन करनी होगी।
• बायोमेट्रिक, सीसीटीवी, अस्पताल प्रबंधन प्रणाली सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से संचालित करनी होंगी।
क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
मेडिकल कॉलेज को अनुमति मिलने से अब एमसीबी जिले, सरगुजा संभाग तथा आसपास के हजारों विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही एमबीबीएस की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।