Mahasamund Loksabha Election result 2024: छत्तीसगढ़ के महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में वोटिंग जारी है। भाजपा प्रत्याशी रूपकुमारी चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू के बीच मुकाबला है, लेकिन इस सीट पर भाजपा लगातार लीड कर रही है। भाजपा प्रत्याशी रूपकुमारी चौधरी 6 लाख 63 हजार 75 वोटों के साथ आगे चल रही है। इस सीट पर कुल 17 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
रूप कुमारी चौधरी का सियासी सफर
भाजपा ने महासमुंद लोकसभा सीट से रूपकुमारी चौधरी को चुनावी मैदान में उतारा है। रूप कुमारी बीजेपी की सक्रिय नेता हैं। वे समाजसेविका, राजनीतिक रुचि और अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ बनाई हुई हैं। रूपकुमारी छत्तीसगढ़ विधानसभा की पूर्व सदस्य रह चुकी हैं। रूपकुमारी चौधरी महासमुंद के बसना विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं, जो साल 2013 से 2018 तक बसना से विधायक रही हैं। इसके साथ ही मई 2015 से दिसंबर 2018 तक संसदीय सचिव भी थीं।
साल 2005 में रूप कुमारी चौधरी सराईपाली विधानसभा से पहली बार जिला पंचायत सदस्य बनी। इसके बाद बसना विधानसभा से दोबारा 2010 में जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। साल 2011 में महासमुंद जिला महामंत्री भाजपा महिला मोर्चा के पद भी संभाली। चौधरी आरएसएस से भी जुड़ी हुई हैं। संगठन में उनके अच्छी पकड़ है। नवंबर 2019 से अब तक महासमुंद जिलाध्यक्ष के पद पर हैं।
ताम्रध्वज साहू का सियासी सफर
- ताम्रध्वज साहू सरपंच से लेकर विधायक और सांसद तक का सफर तय कर चुके हैं।
- वर्ष 1998 में पहली बार वह मध्यप्रदेश विधानसभा में कदम रखा।
- वर्ष 2000 में अजीत जोगी की सरकार में वो जल संसाधन, आयकट, ऊर्जा तथा शिक्षा (उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा), जनशक्ति नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, पशुपालन, सहकारिता विभाग के मंत्री रहे।
- वर्ष 2004 से लेकर 2006 तक वह छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति के सदस्य की जिम्मेदारी संभाले।
- वर्ष 2005-06 में ताम्रध्वज साहू को प्रत्यायुक्त विधान समिति, वर्ष 2006-08 में सदस्य सुविधा एवं सम्मान समिति, वर्ष 2008-09 में लोक लेखा समिति के सदस्य रहे।
- साल 2003, 2008 का विधानसभा का चुनाव जीता।
- विधानसभा चुनाव 2008 में उन्होंने दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और बीजेपी के जागेश्वर साहू को परास्त किया।
- वर्ष 2014 में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और मोदी लहर के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी सरोज पांडेय को हराया था।
- इसके बाद लोकसभा की राजभाषा समिति, कोयला एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य बनाये गए।
- ओबीसी समाज के सीनियर लीडर ताम्रध्वज साहू वर्ष 2018 में भूपेश सरकार में गृहमंत्री, लोक निर्माण, जेल, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री रह चुके हैं।
महासमुंद लोकसभा सीट का सियासी समीकरण
महासमुंद लोकसभा सीट में दिग्गज नेताओं का कब्जा रहा है। इस सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता विद्याचरण शुक्ल, श्यामाचरण शुक्ल और अजीत जोगी ने जीत हासिल किए हैं। बता दें कि महासमुंद लोकसभा सीट पर साल 1952 से अब तक कुल 19 चुनाव हुए हैं। इसमें 12 बार कांग्रेस का कब्जा रहा है। वहीं साल 2009, 2014 और 2019 में भाजपा का कब्जा रहा है। महासमुंद से कांग्रेस के कद्दावर नेता विद्याचरण शुक्ल सात बार जीत हासिल कर केंद्र में वरिष्ठ मंत्री रहे। अविभाजित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ल भी एक बार महासमुंद से चुनाव जीत चुके हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने साल 2004 में इस सीट से जीत हासिल किए थे। इसके बाद से यह सीट लगातार बीजेपी के हाथों में है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुन्नी लाल साहू ने कांग्रेस के धनेन्द्र साहू को 90 हजार 511 हजार मतों से हराया था। अब भाजपा ने नए चेहरे को मौका दिया है।