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Korba: SECL में 'बाहरियों' पर हंगामा, भू-विस्थापितों ने मजदूरों को बाहर निकाल खदान में बंद कराया काम

Thu, 22 Dec 2022 07:57 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा

सार

कलिंगा कामर्शियल कंपनी के पीआरओ चक्रधर मोहंती ने कहा कि, SECL प्रबंधन के नियमानुसार स्थानीय बेरोजगारों को काम उपलब्ध कराया जाता है , लेकिन कुछ लोग विवाद कर बदनाम करने का प्रयास करते हैं। उनके द्वारा बेवजह ही विवाद की स्थिति निर्मित की जाती है।
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एसईसीएल में बाहरी मजदूरों को काम देने पर भड़के भू-विस्थापित। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित SECL की खदान में गुरुवार को 'बाहरियों' को लेकर हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में भू-विस्थापित मानिकपुर खदान में पहुंच गए और प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। साथ ही पड़ोसी राज्यों से आए मजदूरों को कैंप से बाहर निकाल कर खदान में काम बंद करा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। पुलिस चौकी में प्रबंधन से हुई बातचीत के बाद भू-विस्थापित शांत हुए। 

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दरअसल SECL प्रबंधन की ओर से दादर खुर्द, ढेलवाडीह , भिलाई खुर्द सहित आसपास के 6 गांव की जमीन को मानिकपुर खदान के लिए अधिग्रहित किया गया है । प्रभावित क्षेत्र के युवक लंबे समय से रोजगार की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पहले रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। इस दौरान प्रबंधन की ओर से उन्हें ठेका कंपनियों में काम देने का आश्वासन दिया गया। 
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इस बीच प्रबंधन ने खदान में ओबी और कोल परिवहन का ठेका कलिंग कंपनी को दे दिया। उन्होंने आने वाले दिनों में काम देने की बात कही थी। गुरुवार को भू-विस्थापितों को पड़ोसी राज्यों से मजदूर लाए जाने की भनक लगी। इस पर वे बड़ी संख्या में कलिंगा कंपनी के कैंप पहुंच गए। वहां करीब 120 मजदूर मौजूद थे। इन मजदूरों को देखते ही विस्थापितों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मजदूरों को कैंप से बाहर निकाल दिया। 
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मामले की जानकारी होने पर ठेका कंपनी के अलावा SECL के अफसर और पुलिस व सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंच गए। कैंप के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा। आखिरकार पुलिस की समझाइश पर भू-विस्थापित चर्चा के लिए चौकी जाने राजी हुए। एसईसीएल प्रबंधन से चर्चा उपरांत रोजगार मुहैया कराने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर भू विस्थापित घर लौटे। विरोध कर रहे युवा संतोष ने बताया कि जमीन ले ली खदान खुल गया लेकिन बाहर से मजदूर लाए जा रहे हैं। 

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