कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के निर्माण में कथित अनियमितता का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कटघोरा नगर पालिका परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके हाथों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग वाले बैनर भी थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रतिमा निर्माण में गंभीर स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन अब तक केवल उप-अभियंता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। संगठन का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गड़बड़ी हुई है तो जांच का दायरा केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि जांच प्रतिवेदन सामने आने के बाद उप-अभियंता को निलंबित कर दिया गया, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद नगर पालिका के CMO और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता के लिए उप-अभियंता जिम्मेदार हैं, तो अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कथित गड़बड़ी के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई में देरी की जा रही है। संगठन ने मामले को लेकर तीन प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें प्रतिमा निर्माण प्रकरण की उच्च स्तरीय समिति से निष्पक्ष जांच, जांच में दोषी पाए जाने वाले CMO, ठेकेदार सहित अधिकारियों-कर्मचारियों पर वैधानिक कार्रवाई और जांच पूरी होने तक प्रतिमा को हटाने अथवा उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं करने की मांग शामिल है।
युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना और मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।