कोरबा के करतला ब्लॉक का सेन्द्रीपाली ऐसा गांव जहां अधिकांश घरों में महुए की कच्ची शराब बनाई जाती है। इसके अलावा यहां देशी और अंग्रेजी शराब भी अवैध रूप से बिक रही है। इसके चलते यहां बड़े ही नहीं बच्चों को भी नशे की लत पड़ गई है। इसके विरोध में ज्ञापन सौंपने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं कोरबा कलेक्ट्रेट पहुंची। महिलाओं ने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस पहुंचती तो है मगर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करती। आलम यह है कि लोग दिन भर मदिरापान में लगे रहते हैं, और उनकी यह आदत नहीं छूट रही है।
सुकृता बाई ने बताया कि ग्राम पंचायत सेन्द्रीपाली के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम नवाडीह, अमेराभांठा एवं बासिनपारा में बहुत अधिक मात्रा में महुआ की शराब बनाकर बिक्री किया जा रहा है, साथ ही अंग्रेजी, देशी शराब का भी अवैध रूप से बिक्री किया जा रहा है। जिसके कारण हमारे ग्राम पंचायत में चोरी, मार-पीट और अशांति का महौल निर्मित हो रही है, गांव के नाबालिक लड़के भी गांव में शराब बनने के कारण नशे के लत में डुब रहे हैं जो कि हमारे लिए एक चिंता का विषय बन गया है।
मीरा बाई पटेल ने बताया कि हमारे ग्राम पंचायत सेन्द्रीपाली में कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास, 100 सीटर कन्या छात्रावास एवं प्री. मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भी संचालित है स्कूल की छुट्टी के समय शराबियों का आना-जाना लगा रहता है कोई तेज रफ्तार गाड़ी दौड़ा रहा है तो कोई गाली गलौच करते रहते हैं। स्कूल की बालिकायें एवं ग्रामीण महिलायें शराबियों के कारण असुरक्षीत हैं, गांव में शराब बनने के कारण आस-पास के गांव के लोग शराब पीने आते हैं और नशे की हालत में कही पर भी संदिग्ध रूप में सोये रहते हैं यहां के कई मोहल्ले तो शराबियों का अड्डा बन गया है।