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कोरबा में फिर दिखा किंग कोबरा, घर के बाथरूम से सुरक्षित रेस्क्यू, जिले में प्राकृतिक प्रजनन के मिले संकेत

Fri, 07 Aug 2026 12:31 PM IST
कोरबा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा

सार

घर के बाथरूम में सबसे छोटा किंग कोबरा दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। विशेषज्ञ इसे जिले में किंग कोबरा के प्राकृतिक प्रजनन का संकेत मान रहे हैं।
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बाथरूम में मिले किंग कोबरा का रेस्क्यू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले में एक बार फिर दुर्लभ प्रजाति के किंग कोबरा की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस बार बालको वन परिक्षेत्र के अजगरबहार गांव में एक घर के बाथरूम से सबसे छोटा किंग कोबरा मिलने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से सांप का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया।

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जानकारी के अनुसार अजगरबहार निवासी लवभूषण प्रतापसिंह तंवर के घर के बाथरूम में छोटा किंग कोबरा दिखाई दिया। इसके बाद वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने तत्काल वन मंडलाधिकारी प्रेमलता यादव को सूचना दी। उनके मार्गदर्शन में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड और नरेश गोड ने वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से किंग कोबरा का रेस्क्यू किया। बाद में डिप्टी रेंजर अनिल कंवर ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम, संस्था के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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प्राकृतिक प्रजनन का संकेत
रेस्क्यू प्रमुख जितेंद्र सारथी ने बताया कि कोरबा जिले में लगातार किंग कोबरा मिलने की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि यहां इस दुर्लभ सर्प का प्राकृतिक प्रजनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह जिले की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।

ये भी पढ़ें: Dhamtari News: नगरी में मिला विशालकाय अजगर, ग्रामीणों में फैला दहशत, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

उन्होंने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों का शिकार करता है, जिससे जहरीले सांपों की संख्या प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहती है और पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहता है।

वन विभाग की अपील
बालको वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं किंग कोबरा दिखाई दे तो उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि प्रशिक्षित टीम उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ सके।

2021 से चल रहा संरक्षण अभियान
नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी वर्ष 2021 से वन विभाग के सहयोग से किंग कोबरा संरक्षण अभियान चला रही है। संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता फैलाने के साथ-साथ विशेष किंग कोबरा रिस्पॉन्स टीम का संचालन भी कर रही है।
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स्थानीय लोगों ने कोरबा जिले में किंग कोबरा कंजर्वेशन रिजर्व बनाने की मांग भी उठाई है। उनका मानना है कि मध्य भारत में इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी को देखते हुए संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और इको-टूरिज्म की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।

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