कोरबा जिले में हाथियों का दल अलग-अलग क्षेत्रों में घूम रहा है। वन मंडल कटघोरा के पसान रेंज में मरवाही से आया दंतैल हाथी कुम्हारी सानी गांव के पास नाला किनारे पहुंच गया। ग्रामीणों ने उसे देखते ही भगाने के लिए शोर मचाया और पत्थर फेंके। दंतैल ने कई बार दौड़ने का प्रयास किया। इसके बाद वह खेतों से होकर जंगल की ओर चला गया। शाम को यह हाथी पसान गांव के किनारे कोसाबाड़ी क्षेत्र में पहुंच गया था।
वहीं पसान रेंज में ही दूसरा दंतैल हाथी बनिया के जंगल में घूम रहा है। इस दंतैल ने रात के समय तनेरा गांव में एक मकान को तोड़ दिया, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। मरवाही से पसान पहुंचा दंतैल अब बीजाडाड़ की ओर बढ़ गया है। कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में भी दो दंतैल हाथी घूम रहे हैं। इन हाथियों ने तीन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग को आशंका है कि कुदमुरा में घूम रहे दंतैल वापस धरमजयगढ़ की ओर जा सकते हैं। करतला रेंज के लबेद में घूम रहे 7 हाथियों का दल रात में सक्ती रेंज के रैनखोल की ओर चला गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ये हाथी 22 के झुंड के साथ आए थे।
वर्तमान में कटघोरा वन मंडल में कुल 50 हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं। इनमें 19 हाथी सीमा क्षेत्र में हैं, जबकि 10 हाथी केंदई रेंज के कोरबी क्षेत्र में देखे गए हैं। रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि 19 हाथी जटगा की ओर लौट गए हैं। विभाग हाथियों पर लगातार निगरानी रख रहा है। बुधवार को वन अमला गांव पहुंचकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
रेंजर ने कहा कि हाथी अभी एक स्थान पर स्थिर नहीं रुक रहे हैं। इसी वजह से सभी रेंज में वन अमले को अलर्ट कर दिया गया है। सबसे अधिक खतरा दंतैल हाथियों से है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें।
दंतैल हाथियों का उत्पात
दंतैल हाथियों का उत्पात