कोरबा में रोड नहीं होने पर लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया।
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छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में दो वार्डों के बीच में फंसे परिवार मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। वे पत्राचार करते-करते थक गए, लेकिन उन्हें न सड़क मिली, न रोड लाइट। यहां तक कि नेताओं और अफसरों के चक्कर भी लगा चुके, पर किसी ने नहीं सुना। ऐसे में इन कॉलोनी वासियों ने चुनाव में वोट नहीं देने का निर्णय लिया है। यह व्यथा शहर के बीच पंडित रविशंकर शुक्ला नगर और शिवाजी नगर के मध्य बसे 25 परिवारों की है।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी केवल टैक्स वसूली के लिए इस क्षेत्र में आते हैं। विभिन्न पार्टियों के जनप्रतिनिधि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए। बाकी समय हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया गया है। हमारे क्षेत्र में ना चलने को सही से सड़क है और ना ही बिजली खंभों में लाइट लगी हुई है। सफाई की सुविधा भी नगण्य है। अधिकारी, महापौर या इस क्षेत्र के पार्षद, इनसे केवल आश्वासन मिला है।
परेशान होकर कॉलोनी के सभी लोगों ने एक स्वर में आने वाले चुनाव में वोट ना करने का फैसला किया है। कहा कि, हम सब कॉलोनीवासियों ने निर्णय लिया है कि अगर हमें हमारे ही हाल में जीना है तो हम अपना वोट व्यर्थ क्यों करें। अगर हमारे क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण होता है तो हम आने वाले चुनाव में वोट करेंगे। इसे लेकर कॉलोनी के लोगों ने बैनर भी लगाए हैं, जिस पर लिखा है कि रोड नहीं तो वोट नहीं। वहीं कॉलोनी में ही प्रदर्शन भी किया।