छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। हालांकि, दीपका में दोपहर बाद फर्जी वोटिंग को लेकर विवाद की स्थिति बनी। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
बिंझरा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 18 में भीषण गर्मी के बावजूद मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। लू के थपेड़ों के बावजूद सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी थीं। महिला, बुजुर्ग और युवा सभी गर्मी की परवाह किए बिना बूथों पर पहुंचे। बिंझरा क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के मतदाता कुल आठ बूथ केंद्रों में मतदान कर रहे थे।
प्रशासन ने बूथों पर छाया, ठंडे पानी और मेडिकल किट की व्यवस्था की थी। इस उपचुनाव में भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद की उम्मीदवारी चर्चा में रही। वह जेल में रहते हुए चुनाव लड़ रहा है, जिस पर सभी की निगाहें थीं। प्रशासन ने इस सीट पर विशेष सतर्कता बरती थी और संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था। दीपका की घटना को छोड़कर पूरे जिले में मतदान शांतिपूर्ण रहा।
दीपका में विवाद और पुलिस कार्रवाई
नगर पालिका दीपका के उपचुनाव के दौरान दोपहर करीब 3:25 बजे मतदान केंद्र पर विवाद हुआ। फर्जी वोटिंग को लेकर पक्ष-विपक्ष और प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए। इससे कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया बाधित रही और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल मोर्चा संभालकर विवाद को शांत कराया और अनावश्यक भीड़ को हटाया, जिसके बाद मतदान दोबारा शुरू हुआ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर था। सुरक्षा बलों की लगातार गश्त जारी रही, साथ ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक खुद हालात पर नजर बनाए हुए थे। एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी भी फील्ड में तैनात रहे। ड्रोन से भी निगरानी की गई। निर्वाचन अधिकारी और जिला प्रशासन का अमला सुबह से ही पोलिंग बूथों का निरीक्षण करता रहा।