फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरबा: प्रेमजाल में फंसाकर किया शारीरिक शोषण, समय से पहले युवती ने दिया बच्चे को जन्म, वादे से मुकरा प्रेमी

Tue, 25 Nov 2025 02:27 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में युवक-युवती मोबाइल पर बातचीत के जरिए करीब आए। युवक ने युवती को झांसे में लेकर दैहिक शोषण करना शुरू कर दिया। जब पीड़िता के पांव भारी हुए तो उसने अपनाने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐनवक्त पर वह अपने वादे से मुकर गया।
विज्ञापन
पुलिस मामले की जांच में जुटी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरबा में युवक-युवती मोबाइल पर बातचीत के जरिए करीब आए। युवक ने युवती को झांसे में लेकर दैहिक शोषण करना शुरू कर दिया। जब पीड़िता के पांव भारी हुए तो उसने अपनाने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐनवक्त पर वह अपने वादे से मुकर गया। पीड़िता का स्थानीय अस्पताल में प्रसव कराया गया। दुखद पहलू तो यह है कि समय से पूर्व जन्मे नवजात ने महज तीन दिन बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। मामले में अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है।

विज्ञापन


हरदीबाजार पुलिस चौकी अंतर्गत एक परिवार निवास करता है। इस परिवार के सदस्य शादी विवाह सहित अन्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती देते हैं। करीब चार साल पहले उनके घर जांजगीर चांपा जिले के बलौदा थानांतर्गत डरगा बहरा में रहने वाला अरविंद ओग्रे पहुंचा। उसने परिजनों की गैर मौजूदगी में युवती से मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। इसके साथ ही दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। उनके बीच कुछ ही दिनों में नजदीकी बढ़ गई। 

युवक चोरी छिपे घर पहुंचकर शादी का झांसा देते हुए युवती का दैहिक शोषण करने लगा। युवती के पांव भारी होने पर उसने अरविंद को जानकारी दी। वह युवती को बच्चे के साथ अपनाने का आश्वासन दे दिया, जिससे पीड़िता निष्फिक्र थी। मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब 19 नवंबर को सात माह के गर्भवती युवती को प्रसव पीड़ा शुरू हो गया। उसे आनन-फानन प्रसव के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। इसकी जानकारी पीड़िता ने युवक को दी। वह न सिर्फ बच्चा अपना होने से इंकार कर दिया, बल्कि उसने पीड़िता को अपनाने से भी मना कर दिया। जिससे हताश पीड़िता का अस्पताल में प्रसव कराया गया। चूंकि नवजात का जन्म समय से पूर्व हुआ था, लिहाजा वह कमजोर था। उसे स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने  मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां एसएनसीयू में नवजात का उपचार चल रहा था।
विज्ञापन


24 नवंबर की रात करीब 2.30 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन से मेमो मिलने पर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बहरहाल पुलिस ने वैकधानिक कार्रवाई पूरी कर मृत नवजात के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।

युवक की राह में पीड़िता के परिजन रोड़ा बन रहे थे, जिससे निपटने युवक ने अनूठा तरीका खोज निकाला था। इस रहस्य का खुलासा परिजनों ने बातचीत के दौरान किया। उन्होंने बताया कि अरविंद पीड़िता को एक गोली देता था। वह गोली खाने में मिलाकर देने से शरीर स्वस्थ होने की बात कहता था। उसकी बातों में आकर बेटी खाने में नीद की गोली दे देती थी। वे खाना खाते ही गहरी नीद सो जाते थे। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी विश्व नारायण चौहान ने बताया कि बयान दर्ज किया गया है आगे की जांच करवाई की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें