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सीजी: पीएम आवास के लिए पुराना मकान ढहाते वक्त दीवार से गिरा मजदूर, इलाज के दौरान मौत, घर में पसरा मातम

Fri, 30 Oct 2026 06:18 PM IST
कोरबा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा

सार

जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुराने मकान को ढहाते समय एक दिहाड़ी मजदूर की दीवार से गिरकर मौत हो गई।
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पुराना मकान ढहाते दीवार से गिरा मजदूर कि मौत - फोटो : अमर उजाला
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कोरबा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुराने मकान को ढहाते समय एक दिहाड़ी मजदूर की दीवार से गिरकर मौत हो गई। घटना में मजदूर को सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आई थीं। उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराने का मामला सामने आया है।
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जानकारी के अनुसार, कुम्हार मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार के नाम पर प्रधानमंत्री आवास शहरी स्वीकृत हुआ है। उसने अपने पुराने मकान को तोड़कर नया पीएम आवास बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने निर्माण कार्य का ठेका पुरानी बस्ती में जीजा के घर रहने वाले चांपा निवासी कार्तिक दास को दिया था।

गुरुवार की सुबह कार्तिक दास उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे फाटक पहुंचा और वहां से दिहाड़ी मजदूरी करने वाले चार मजदूरों को काम के लिए कुम्हार मोहल्ला ले गया। इन मजदूरों में उरगा थाना क्षेत्र के मडवारानी जर्वे निवासी बीरबल सिंह कंवर भी शामिल था। सभी मजदूर पुराने मकान की दीवार ढहाने का काम कर रहे थे।
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दोपहर करीब 12 बजे बीरबल सिंह कंवर साढ़े छह फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर आ गिरा। गिरने से उसके सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने तुरंत इसकी जानकारी मकान मालिक प्रदीप को दी।

प्रदीप की मदद से घायल बीरबल को आनन-फानन में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके शव को मर्च्युरी में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल पुलिस ने मेमो के आधार पर वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव को परिजनों को सौंप दिया है।

बताया जा रहा है कि काम के दौरान मजदूरों को कोई भी सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया था। मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सिर्फ दीवार के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहे थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

मृतक बीरबल सिंह कंवर के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी और एक बेटा विशाल कंवर है। उसने अपनी बेटी की शादी कर दी थी, जबकि बेटा रेलवे में ठेका मजदूर के रूप में काम कर परिवार का भरण-पोषण में हाथ बंटाता था। अब पिता की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी इकलौते पुत्र विशाल के कंधों पर आ गई है। इस घटना से परिवार में शोक की लहर है।

पुराना मकान ढहाते दीवार से गिरा मजदूर कि मौत

 

पुराना मकान ढहाते दीवार से गिरा मजदूर कि मौत

 

पुराना मकान ढहाते दीवार से गिरा मजदूर कि मौत

 

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