कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। हाथियों के दल के लगातार गांवों में घुसने, फसल बर्बाद करने और मकानों को नुकसान पहुंचाने की खबरों पर कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने संज्ञान लिया है और वन विभाग व प्रशासन से जानकारी ली है।
सूत्रों के अनुसार पसान, कोरबी, मोरगा और आसपास के जंगलों में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से लगभग 40 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथी देर शाम होते ही गांव की ओर रुख कर लेते हैं। इससे ग्रामीणों को रात-रात भर जागकर टॉर्च और ढोल-नगाड़े बजाकर रखवाली करनी पड़ रही है। कई किसानों की खड़ी धान की फसल को हाथियों ने पूरी तरह रौंद दिया है, वहीं कुछ कच्चे मकानों को भी क्षति पहुंची है।
सांसद ज्योत्सना महंत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और वनमंडल अधिकारियों से चर्चा कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले ग्रामीणों की जान की सुरक्षा जरूरी है। वन विभाग हाथी प्रभावित गांवों में लगातार गश्त बढ़ाए, हाथी मित्र दलों को सक्रिय करे और मुनादी के जरिए लोगों को समय पर अलर्ट करे। हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए पर्याप्त टीम और संसाधन लगाए जाएं।
सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हाथियों से हुए फसल नुकसान, मकान क्षति और अन्य जन-धन हानि का जल्द से जल्द सर्वे कर प्रभावितों को शासन के प्रावधान अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। मुआवजा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि हाथियों के दिखने पर उनसे दूरी बनाए रखें, उन्हें छेड़ें नहीं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। रात में जंगल की ओर अकेले न जाएं।
उल्लेखनीय है कि कोरबा जिला हाथी प्रभावित जिलों में आता है। पसान, पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा और केंदई रेंज हाथी कॉरिडोर से जुड़ा है, जो छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश तक जाता है। हर साल धान पकने के समय हाथियों का आना बढ़ जाता है।
सांसद ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में सुरक्षा के लिए टॉर्च, मशाल, पटाखे उपलब्ध कराए जाएं और जागरूकता अभियान चलाया जाए।
हाथियों के आतंक पर सांसद ज्योत्सना महंत ने सुरक्षा और मुआवजे के दिए निर्देश
हाथियों के आतंक पर सांसद ज्योत्सना महंत ने सुरक्षा और मुआवजे के दिए निर्देश