कोरबा स्थित कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग।
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छत्तीसगढ़ में कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। इसकी चपेट में एक दर्जन से ज्यादा दुकानें आई हैं। धुएं में दम घुटने से महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हैं। इनमें से सात को उपचार के लिए श्वेता नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया है। एक मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने पर पहुंची दमकल की चार गाड़ियों ने अंदर फंसे लोगों को मुश्किल से बाहर निकाला और करीब छह घंटे बाद आग पर काबू पाया।
जानकारी के मुताबिक, शहर के बीचों-बीच स्थित इस कॉम्पलेक्स में बैंक, एलआईसी दफ्तर, इलेक्ट्रॉनिक शोरूम, स्टेशनरी समेत कई दुकाने हैं। बताया जा रहा है कि आग दोपहर करीब 1.30 बजे लगी है। अचानक कॉम्पलेक्स में आग भड़कने के चलते अंदर मौजूद लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला। बाहर निकलने की जगह नहीं देख कुछ लोगों ने ऊपर से ही छलांग लगा दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने अंदर फंसे लोगों को खिड़की से बाहर निकाला।
दमकलकर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को किसी तरह से खिड़की से बाहर निकालने का काम शुरू किया। वहीं दम घुटने से तीन लोगों की मौत की बात सामने आई है। इसमें चिरमिरी निवासी रश्मि सिंह (36) और करूमहुआ निवासी शत्रुघ्न शामिल हैं। एक अन्य मृतक पुरुष की पहचान नहीं हो सकी है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि शार्ट सर्किट के चलते हादसा हुआ है। फिलहाल मामले की जांच के लिए प्रशासन ने आदेश दे दिए हैं।
घायलों का निशुल्क उपचार करेगा अस्पताल
कलेक्टर संजीव झा, एसपी यू उदय किरण, निगमायुक्त प्रभाकर पाण्डेय, सीएमएचओ डॉ एस एन केसरी हादसे में घायल मरीजों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हाल जाना और परिजनों को सांत्वना दी। प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से कोरबा के सबसे लंबे चले ऑपरेशन में दर्जनों जिंदगियों को बचाने का काम किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी मरीजों का निःशुल्क उपचार करने निर्णय लिया है। मरीजों का सम्पूर्ण उपचार अस्पताल प्रबंधन की ओर से कराया जाएगा।