जानकारी के मुताबिक, गांव जलहल में रहने वाली करसीला एक्का (37) पति रामधन एक्का मौसमी बीमारी की चपेट में आ गई। शरीर बुखार से तप रहा था। उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए रामधन एक्का ने एंबुलेंस को कॉल किया। लेकिन एबुंलेंस नहीं पहुंची। इस बीच झमाझम बारिश हो रही थी। परिजन आनन-फानन में बरसते बादल के बीच मरीज को खाट के सहारे ग्राम लीमगांव ले आए। इस दौरान बारिश से मरीज को बचाने के लिए खाट को तिरपाल से ढका और मरीज को छाता भी ओढ़ाया। मरीज को लेकर सड़क विहीन ग्राम से लीमगांव मुख्य मार्ग तक लगभग सात किलोमीटर पैदल चले।
लीमगांव मुख्य मार्ग से निजी वाहन की मदद से पाली मुख्यालय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब महिला की तबीयत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस दौरान परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।