जिले में कोयला की अवैध अफरा-तफरी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही दीपका पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना दीपका पुलिस ने सुनियोजित तरीके से की जा रही कोयला चोरी का पर्दाफाश करते हुए 335 टन कोयला बरामद किया है। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 76 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा नितीश ठाकुर तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में थाना दीपका पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस प्रशासन द्वारा असामाजिक एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी महताब आलम द्वारा थाना दीपका में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रेलर संचालकों ने अदाणी पावर जयरामनगर रेलवे साइडिंग के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर एसईसीएल गेवरा खदान से अदाणी पावर जयरामनगर रेलवे साइडिंग तक परिवहन किए जाने वाले 335 टन कोयले को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। इसके बजाय कोयले की अवैध रूप से अफरा-तफरी कर दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना दीपका में बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद एक विशेष पुलिस टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। जांच के दौरान अपराध में प्रयुक्त छह ट्रेलर वाहनों को जब्त किया गया। चोरी किए गए कोयले को भी बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्मण कुमार श्रीवास, तुषार खंडे, गोपी किशन सोनझरी, दुर्गेश कुमार साहू एवं अतीक मेमन शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।