जिले में सर्पदंश से एक 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान गोढ़ी देहांतपारा निवासी रामकृष्ण मंझवार उम्र 12 वर्ष के रूप में हुई है, जो कक्षा 6वीं का छात्र था। घटना शनिवार तड़के सुबह करीब 5 बजे की है।
कोरबा जिले में सर्पदंश से एक 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान गोढ़ी देहांतपारा निवासी रामकृष्ण मंझवार उम्र 12 वर्ष के रूप में हुई है, जो कक्षा 6वीं का छात्र था। घटना शनिवार तड़के सुबह करीब 5 बजे की है।
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मृतक के पिता दीपक मंझवार ने बताया कि उनका बेटा रामकृष्ण रात में अपने बिस्तर पर सो रहा था। तभी अचानक उसके गले में कुछ काटने जैसा महसूस हुआ। नींद में ही उसने झटके में सांप को पकड़कर फेंक दिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन जाग गए और बिस्तर के आसपास सांप को ढूंढ निकाला, जो करैत सांप था। गुस्साए परिजनों ने सांप को मार दिया।
सांप के काटने के बाद रामकृष्ण की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। मजबूरन पिता बाइक से बेटे को लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में 108 एंबुलेंस मिली, जिसमें शिफ्ट कर उसे जिला मेडिकल कॉलेज कोरबा ले जाया गया।
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अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान छात्र की मौत हो गई। पिता ने बताया कि उनका बेटा घर का बड़ा बेटा था। पिता खेती-किसानी और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। इधर जिला अस्पताल चौकी पुलिस को मेडिकल कॉलेज से मेमो प्राप्त हुआ। मेमो के आधार पर पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया और शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। करैत सांप सबसे जहरीला माना जाता है और अक्सर बिस्तर में घुसकर सोते हुए लोगों को डस लेता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान चली जाती है। इस मामले में भी 108 के समय पर न पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और गांव में सर्पदंश से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।