छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था, परंपरा और मायके की यादों से जुड़ा तीज पर्व इस बार बिलासपुर में खास अंदाज में मनाया गया। बहतराई इनडोर स्टेडियम में कमल सखी परिवार की ओर से तीज तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित प्रदेश के कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
तीज तिहार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने गीत-संगीत और नृत्य के साथ पर्व की खुशियां मनाईं। आयोजन स्थल पर झूले और विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को मायके आने और एक साथ मिलकर तीज पर्व की खुशियां मनाने का अवसर देना रहा।
तीज पर्व को भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम और पुनर्मिलन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखकर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले वर्ष से कमल सखी परिवार की ओर से तीज तिहार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीज तिहार कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी प्रदेश की महिलाओं को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने मुख्यमंत्री के सामने बेलतरा महोत्सव के आयोजन और एक गांव का नाम बदलने की मांग रखी। विधायक ने आयोजन के लिए सभी अतिथियों का आभार जताते हुए तीज तिहार कार्यक्रम को आगे भी जारी रखने की बात कही।
विधायक की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही संबंधित गांव का नाम बदलकर रामदेवरी किए जाने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के अंत में तीज तिहार में शामिल हुई महिलाओं को उपहार भी वितरित किए गए। गीत-संगीत, नृत्य और उत्साह के बीच महिलाओं ने पूरे आयोजन का जमकर आनंद लिया।