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छत्तीसगढ़: कोरबा में हाथियों का आतंक जारी, 53 हाथी चार झुंडों में घूम रहे, किसानों की फसलें की बर्बाद

Fri, 15 May 2026 10:11 AM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
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korba
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कोरबा।जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। अभी जिले में 53 हाथी चार झुंड में घूम रहे हैं। ताजा मामला कुदमुरा रेंज का है जहां धरमजयगढ़ वन मंडल से 2 दंतैल हाथी गुरुवार की रात गीतकुंवारी गांव पहुंचे। दंतैल हाथियों ने किसानों की खड़ी धान की फसल को चौपट कर दिया। वहीं कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज में मेउड़ पहाड़ पर 48 हाथियों का बड़ा दल डेरा जमाए हुए है।
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बताया जा रहा है कि गर्मी के समय हाथियों का झुंड कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज में हर साल ढाई से 3 महीने तक रहता है। इस बार 50 हाथियों का झुंड मार्च से कटोरीमोती के पास कुकरीचकहर से मेउड़ पहाड़ पर घूम रहा है। यह पहाड़ 5 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहां हाथियों के लिए भोजन और पानी पर्याप्त मात्रा में है। इसी वजह से हाथी कभी-कभी पहाड़ से नीचे उतरते हैं और गांवों की ओर रुख कर लेते हैं।

धरमजयगढ़ वन मंडल से आए 2 दंतैल हाथी गीतकुंवारी गांव में घुस आए। हाथियों ने कई एकड़ में लगी धान की फसल को रौंद दिया। किसानों ने शोर मचाकर और मशाल जलाकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन काफी नुकसान हो चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि फसल तैयार होने वाली थी। अब हाथियों ने सब बर्बाद कर दिया।
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लगातार हाथियों की आवाजाही से कुदमुरा, जटगा और पसान क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। रात होते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। खेतों की रखवाली करना मुश्किल हो गया है। वन विभाग की टीम गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर रही है। हाथी मित्र दल भी नजर रखे हुए है।

विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर तुरंत सूचना दें। अकेले हाथी के पास न जाएं और न ही उसे छेड़ें। फसल नुकसान का आंकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। मेउड़ पहाड़ पर मौजूद 48 हाथियों के दल पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है ताकि वह रिहायशी इलाकों में न आए।
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जिले में बढ़ती हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

 

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