फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरबा: कुसमुंडा खदान में 100 टन का डंपर पलटा, ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Wed, 28 Oct 2026 01:17 PM IST
कोरबा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा

सार

कुसमुंडा खदान में केएनआरसीएल कंपनी का 100 टन क्षमता वाला डंपर पलट गया। हादसे में ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हुआ। एक सप्ताह में दूसरी घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
SECL कुसमुंडा में KNRCL कंपनी का 100 टन डंपर पलटा, - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरबा जिले के एसईसीएल के कुसमुंडा क्षेत्र में संचालित केएनआरसीएल कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। डंपिंग के दौरान कंपनी का एक भारी भरकम 100 टन क्षमता का डंपर अनियंत्रित होकर पलटते हुए नीचे जा गिरा। इस भीषण हादसे में डंपर ऑपरेटर को गंभीर चोटें आई हैं। घायल ऑपरेटर को तत्काल खदान से निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
विज्ञापन


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान ऑपरेटर ने सूझबूझ दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यदि ऑपरेटर ने समय रहते छलांग नहीं लगाई होती तो उसकी जान भी जा सकती थी। घटना के बाद खदान परिसर में हड़कंप मच गया और काम कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।

इस घटना के बाद खदान में भारी वाहनों के संचालन, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन और कर्मचारियों की जान की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। कोयला उत्पादन के लिए दिन-रात चलने वाली इन खदानों में सैकड़ों श्रमिक भारी मशीनों और डंपरों के बीच काम करते हैं, जहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन लगातार हो रहे हादसे सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल रहे हैं।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि यह कोई पहला हादसा नहीं है। पिछले रविवार को भी इसी कंपनी का एक डंपर खदान में मोटरसाइकिल के ऊपर चढ़ गया था। गनीमत रही कि उस समय मोटरसाइकिल पर कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था। एक सप्ताह के भीतर दो बड़ी घटनाएं सामने आने के बाद कंपनी के भारी वाहनों के संचालन, ड्राइवरों के प्रशिक्षण और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भी कंपनी को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और बाहर से लाए गए लोगों को काम पर रखा जा रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा ऑडिट और व्यवस्था की समीक्षा कब होगी? श्रमिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन और डीजीएमएस जैसे जिम्मेदार विभागों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

SECL कुसमुंडा में KNRCL कंपनी का 100 टन डंपर पलटा,

 

SECL कुसमुंडा में KNRCL कंपनी का 100 टन डंपर पलटा,

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें