दुर्ग कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कर के अब पुलिस इस चोरी की जांच कर रही है। पद्मनाभपुर पुलिस चौकी के प्रभारी प्रमोद श्रीवास्तव कहते हैं, "कबूतर कहां गये, यह तो जांच का विषय है। लेकिन मेरी समझ से छत्तीसगढ़ में अपनी तरह का संभवतः यह पहला मामला है। इस मामले में हम खास रुचि लेकर कबूतर और आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।" इन कबूतरों के मालिक रथिंद्र नाथ मायती को आशंका है कि इसी साल मई और जून के महीने में कबूतरबाजी की राष्ट्रीय स्पर्धा हो रही है और उनके 'चैंपियन' कबूतरों को इस स्पर्धा से दूर रखने के लिये किसी ने इस घटना को अंजाम दिया है।
मायती को इस बात का भी अफसोस है कि हैदराबाद में रहने वाले पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने लाखों रुपये की कीमत वाले लगभग 25 कबूतर उन्हें भेंट किये थे। उनमें से भी 10 कबूतर गायब हैं। मायती खुद भी दुर्ग के अलावा पड़ोसी जिलों में अपने कबूतरों के बारे में पता करवा रहे हैं। उन्हें इस बात का भरोसा है कि उनके कबूतरों को बस एक बार मौका मिल जाये, वे जहां-कहीं भी होंगे मायती के पास लौट आयेंगे।