छत्तीसगढ़ के रायपुर के केंद्रीय विद्यालय की बायालॉजी की एक महिला टीचर को निलंबित करके आतंरिक जांच पूरी होने तक के लिए दूसरे स्कूल भेज दिया गया है। टीचर पर आरोप है कि उन्होंने लड़कियों से कहा था कि भड़कीले कपड़े पहनने, रात को बाहर जाने और लिपस्टिक लगाने वाली लड़कियों के साथ रेप होता है। इसके अलावा उन्होंने निर्भया गैंगरेप पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। जिसकी वजह से 9वीं और 11वीं कक्षा की लड़कियों के माता-पिता ने टीचर स्नेहलता शंखवार के खिलाफ प्रिसिंपल के पास शिकायत दर्ज करवाई थी।
लड़कियों ने चुपके से टीचर द्वारा कही जा रही बातों को रिकॉर्ड कर लिया था। इसी ऑडियो क्लिप को उन्होंने प्रिंसिपल भगवान दास अहीर के सामने सबूत के तौर पर पेश किया था। क्लिप में टीचर कहती हैं कि जब लड़कियों का चेहरा खूबसूरत नहीं होता है तभी वह एक्सपोज करती है। लड़कियां इतनी बेशर्म कैसे हो सकती हैं? लड़कियां किसी लड़के के साथ रात को बाहर कैसे जा सकती हैं जो उनका पति नहीं है? यह समझना काफी मुश्किल है कि इसका इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया गया। इस तरह की घटनाएं अक्सर दूरदराज के क्षेत्रों में होती हैं।
टीचर ने निर्भया पर टिप्पणी करते हुए कहा था- निर्भया की मां को अपनी बेटी को इतनी रात को बाहर जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी। उनका मानना है कि यह लड़कों की नहीं बल्कि निर्भया की गलती थी। बाग में जारी किए अपने बयान में स्नेहलता शंखवार ने सफाई देते हुए कहा था- मैंने 11वीं की छात्रा को रात के 8:30 के बाद बाहर घूमते हुए देखकर घर जाने का सुझाव दिया। एक शख्स की सुरक्षा उसके खुद के हाथों में हैं। निर्भया के साथ जो हुआ वह गलत है लेकिन उसे इतनी देर तक बाहर नहीं रहना चाहिए था। उसे खुद को बचाना चाहिए था।