चारपाई पर मरीज को ले जाते ग्रामीण
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कांकेर जिले के अंदरूनी गांवों में अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है। एक मरीज की अचानक से तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने चारपाई पर लेटाया और निकल पड़े। इसका वीडियो भी सामने आया है।
कांकेर जिले के अंदरूनी गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बहुत दिक्कत होती है। इसका एक और उदाहरण फिर सामने आया। कोयलीबेड़ा के ग्राम पंचायत स्वरूप नगर के आश्रित गांव पोरियाहुर निवासी विष्णु गावड़े (25) की रात 3 बजे अचानक उल्टी दस्त शुरू हो गए। सुबह तक इंतजार नहीं किया जा सकता था।
मरीज की हालत खराब हो गई थी। वह पैदल अस्पताल जाने की स्थिति भी नहीं था। उसे खाट पर लेटाकर ग्रामीण और परिजन बारकोट नदी के उस पार जाने के लिए निकल पड़े। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि संजीवनी एंबुलेंस 108 को कॉल भी कर दिया।
उधर एंबुलेंस तो नदी के पास पहुंच गई। लेकिन ग्रामीणों को देर हो गई। इंजतार के बाद एंबुलेंस वापस लौट गई। ग्रामीण मरीज को खाट पर लेकर 2 किमी और चलकर संगम पहुंचे। यहां एंबुलेंस को कॉल किया। फिर उसी से मरीज को पखांजूर अस्पताल ले जाया सका। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर कब तक अंदरूनी गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्ति हो पाएगी।