कांकेर में शासकीय करण की मांग को लेकर 5 दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने आज सरकारी आदेश को जलाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया।अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए सचिवों को प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर कार्य पर वापस लौटने का आदेश दिया था।
कांकेर में शासकीय करण की मांग को लेकर 5 दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने आज सरकारी आदेश को जलाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया।अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए सचिवों को प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर कार्य पर वापस लौटने का आदेश दिया था।
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सचिवों का कहना है जिले के 454 ग्राम पंचायतों में 410 पंचायत सचिव कार्यरत है. राज्य में पंचायत सचिवों की संख्या 11 हजार से अधिक है. वह लंबे समय से शासकीयकरण की मांग करते आ रहे है. वर्ष 2023-24 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने घोषणा पत्र में पंचायत सचिवों की मांगे पूरी करने के बात कही थी. लेकिन आज तक सचिवों की मांगे पूरी नहीं हुई।
सचिवों ने कहा कि बल्कि उन्हें नोटिस थमा कर कार्य पर लौटने आदेशित किया जा रहा है. जिसका हम विरोध करते है. जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी अनिश्चित कालीन हड़ताल जाती रहेगा. आपको बता दे कि पंचायत सचिवों ने वर्ष 2023 में 56 दिनों तक हड़ताल की थी।