सावन मास के पहले सोमवार को कवर्धा में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले बाबा भोरमदेव मंदिर के लिए निकली 18 किलोमीटर लंबी भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ सोमवार सुबह पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर से हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विधिवत पूजन-अभिषेक कर पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और स्वयं भी हजारों श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।
सुबह से ही बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर शिवभक्तों से खचाखच भरा रहा। श्रद्धालुओं के हाथों में भगवा ध्वज, कंधों पर कांवड़ और मुख से गूंजते "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। जिले के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु बाबा भोरमदेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उत्साहपूर्वक पदयात्रा में शामिल हुए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरोग जीवन की कामना करते हुए कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव पदयात्रा अब प्रदेश की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी है।
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पदयात्रा के दौरान मार्ग में धार्मिक और सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी और शिवगणों का स्वरूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ गया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन के साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने पूरे मार्ग में पेयजल, चाय, नाश्ता और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। कई स्थानों पर सेवा शिविर भी लगाए गए, जहां पदयात्रियों को विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
श्रावण मास के पहले सोमवार को निकली यह भव्य पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि जनआस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक बन गई। दिनभर हजारों श्रद्धालु बाबा भोरमदेव मंदिर की ओर बढ़ते रहे और पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।