छत्तीसगढ़ का कबीरधाम जिला, जो स्थानीय कवर्धा विधायक और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का गृह जिला भी है, अब नक्सल-प्रभावित श्रेणी से बाहर निकलकर 'नक्सल-मुक्त' घोषित हो गया है। यह घोषणा कबीरधाम पुलिस द्वारा जारी किए गए वार्षिक रोजनामचे के बाद की गई है, जिसमें जिले में वर्ष 2025 के दौरान प्राप्त की गई महत्वपूर्ण सफलताओं का विवरण दिया गया है। इस वर्ष जिले को नक्सल नियंत्रण में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिसके परिणामस्वरूप अपराध दर में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण, प्रमुख कमेटियों का हुआ समापन
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। कुल चार इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। इसके साथ ही, जिले में सक्रिय बोड़ला एरिया कमेटी, भोरमदेव एरिया कमेटी और कान्हा-भोरमदेव डिवीजन को समाप्त कर दिया गया है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों के आधार पर ही कबीरधाम जिले को नक्सल-प्रभावित श्रेणी से हटाकर 'नक्सल-मुक्त' घोषित किया गया है और इसे 'लेगेसी जिला' की श्रेणी में परिवर्तित किया गया है। यह उपलब्धि जिले के लोगों के लिए सुरक्षा और शांति की भावना को और मजबूत करती है।
अपराधों में आई कमी: एक विस्तृत ब्यौरा
एसपी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में विभिन्न प्रकार के अपराधों में जबरदस्त कमी आई है, जो जिले में कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता को दर्शाता है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और गांजा जब्ती
नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के खिलाफ भी पुलिस सक्रिय रही। एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2025 में 20 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें कुल 683.914 क्विंटल गांजा जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2025 में 945.525 किलोग्राम गांजे का विधिवत नष्टीकरण भी किया गया। यह कार्रवाई नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस की गंभीरता को दर्शाती है।
सुरक्षित और समृद्ध कबीरधाम की ओर
कबीरधाम जिले का नक्सल-मुक्त घोषित होना और अपराध दर में आई कमी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अथक प्रयासों का परिणाम है। यह न केवल उप मुख्यमंत्री के गृह जिले के लिए एक गौरव का क्षण है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि सही नीतियों और प्रभावी कार्यान्वयन से सुरक्षा और विकास संभव है। इन सफलताओं से जिले में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होगी।