छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पर्यटक स्थल सरोधा बांध के पास कथित रूप से हथियार दिखाकर लोगों को डराने-धमकाने और उनसे पैसे वसूलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ‘बिच्छू गैंग’ से जुड़े बताए जा रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक-एक धारदार लोहे का हथियार बरामद किया गया है। न्यायालय में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, कुछ युवकों ने समूह बनाकर उसका नाम ‘बिच्छू गैंग’ रखा था। इस समूह में करीब 7 से 8 युवकों के शामिल होने की जानकारी मिली है। आरोप है कि समूह के सदस्य सरोधा बांध घूमने आने वाले पर्यटकों को धारदार हथियार दिखाकर डराते-धमकाते थे और उनसे पैसे वसूलने जैसी गतिविधियों में शामिल थे। समूह से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ पहले भी वैधानिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
13 अक्टूबर को सिटी कोतवाली पुलिस को सरोधा बांध के पास कुछ लोगों द्वारा हथियार लहराकर आम नागरिकों और पर्यटकों को भयभीत करने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम गवाहों के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को पकड़ा। पुलिस ने उनके पास से धारदार लोहे के हथियार जब्त किए।
तीन आरोपियों पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शंकर धुर्वे (30), निवासी ग्राम छांटा, थाना पिपरिया; अशोक मरकाम (21), निवासी ग्राम मन्नाबेदी, थाना भोरमदेव; और देवकुमार पटेल उर्फ गब्बर (18), निवासी ग्राम रौचन, थाना भोरमदेव के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, शंकर धुर्वे के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27, अशोक मरकाम के खिलाफ धारा 25 तथा देवकुमार पटेल उर्फ गब्बर के खिलाफ धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त हथियारों को विधिवत सीलबंद कर लिया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी की शिकायत पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पर्यटकों को निजी फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देने, जबरन पैसे मांगने अथवा हथियार दिखाकर डराने की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब कथित गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच में जुटी है।
पुलिस ने पर्यटकों और आम नागरिकों से अपील की है कि सरोधा बांध में किसी भी तरह की धमकी, जबरन वसूली या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि पर्यटक स्थल पर सुरक्षित माहौल बनाए रखा जा सके।