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दो साल बाद सात गांजा तस्करों को सजा: चार को 15-15 और तीन को 11-11 साल की कैद; 500 किलो गांजा हुआ था बरामद

Sat, 01 Jul 2023 03:05 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कबीरधाम

सार

दोनों मामलों में पुलिस ने ट्रक व कार में छिपाकर ले जाया जा रहा 500 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया था। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 
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कबीरधाम जिला कोर्ट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में जिला कोर्ट ने गांजा तस्करी में सात तस्करों को सजा सुनाई है। दो अलग-अलग प्रकरण में चार दोषियों को 15-15 और तीन को 11-11 साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने ट्रक व कार में छिपाकर ले जाया जा रहा 500 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया था। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

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चिल्फी क्षेत्र में पुलिस ने 31 अक्तूबर 2020 को थाने के सामने ही मुख्य मार्ग पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक रुकवाया था। तलाशी के दौरान पता चला कि ट्रक के केबिन के डाला में  455 किलो गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। आरोपी इसे ओडिशा से लेकर जा रहे थे और दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर खपाने की तैयारी थी। मामले में पुलिस ने ट्रक चालक सहित तीन आरोपियों को तब गिरफ्तार किया था। 

जिला कोर्ट में सुनवाई के दौरान 21 जून को विशेष न्यायधीश (एनडीपीएस एक्ट) पीठासीन अधिकारी पंकज शर्मा ने  फैसला दिया। इसमें उमाकांत परधानी (35), विजय कुमार (25) और श्रीकृष्ण कुशवाहा पर धारा 20(ख)(2)(स) स्वापक औषधियां व मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर सभी को एक-एक साल अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। 
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दूसरा मामला 17 फरवरी 2020 का है। इसमें 30 जून को फैसला सुनाया गया। यह कार्रवाई भी चिल्फी क्षेत्र में की गई थी। पुलिस ने रायपुर-जबलपुर हाईवे पर कार को रोककर तलाशी ली। इसमें 17 पैकेट खाकी रंग के टेप से लिपटा हुआ कुल 51.8 20 किलो गांजा मिला। कार में सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें ओडिशा निवासी प्रत्युश कुमार (28 ), आदित्य कुमार रथ (27), अनिल प्रधान (28 ) और बेन्जामिन मतांग (28 ) को सजा सुनाई गई साथ ही एक-एक लाख रुपए अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। 

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