कबीरधाम में नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बधाई दी।
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इस्लामिक कैलेंडर के अंतिम माह ज़ुल-हिज्जा में बकरीद मनाई जाती है। आज गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व है। इस पर्व को लेकर सुबह ईदगाह में विशेष नमाज पढ़ी जाती है, लेकिन बारिश को देखते हुए इस बार यह नमाज मस्जिद में पढ़ी गई। कबीरधाम के ग्राम पोंड़ी के जामा मस्जिद में सुबह 9 बजे नमाज पढ़ी गई। इसी प्रकार प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह नमाज बारिश को देखते हुए मस्जिद में पढ़ी गई। नमाज के बाद बकरों की कुर्बानी दी गई।
हाफिज अश्फाक अशरफी ने बताया कि इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, ज़ुल-हिज्जा महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग हज करते हैं। मक्का की वार्षिक हज यात्रा का समापन ईद-उल-अजहा के दिन होता है। ज़ुल-हिज्जा के 10वें दिन बकरीद (ईद-उल-अजहा) मनाते हैं। इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है। इस माह के बाद मुहर्रम माह शुरू होता है, जो इस्लामिक कैलेंडर का पहला माह होता है। यह माह 19 या 20 जुलाई से शुरू होगा।