फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kabirdham: डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का किया निरीक्षण, अधिकारियों के साथ ली बैठक

Sun, 23 Mar 2025 07:36 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम

सार

स्थानीय कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आज रविवार को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक व पर्यटन महत्व की धरोहर भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया। 
विज्ञापन
डिप्टी सीएम ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्थानीय कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने आज रविवार को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक व पर्यटन महत्व की धरोहर भोरमदेव महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। विजय शर्मा ने भोरमदेव महोत्सव के आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम की रूपरेखा की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पहले उन्होंने मंदिर परिसर में अधिकारियों की बैठक लेकर, अतिथियों के आगमन, पेयजल, बिजली, पार्किंग, कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्था के अलावा अन्य सभी पहलु की विस्तार से जानकारी ली। 

विज्ञापन


भोरमदेव महोत्सव का आयोजन प्रदेश के ऐतिहासिक व पुरातात्विक धरोहर स्थल भोरमदेव में 26 व 27 मार्च को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में किया जाएगा। इस महोत्सव में प्रदेश की संस्कृति, कला व परंपराओं को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पर्यटन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जाए ताकि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। भोरमदेव महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इस आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न करना है। महोत्सव का शुभारंभ 26 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन समारोह के मुख्य अतिथि सीएम विष्णुदेव साय होंगे। 

भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक धरोहर
भोरमदेव मंदिर का निर्माण फणीनागवंशी शासकों द्वारा 11वीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है व इसकी दीवारों पर उत्कृष्ट मूर्तिकला अंकित है। मंदिर के परिसर में प्राचीन शिवलिंग व अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं भी मौजूद हैं, जो इसकी धार्मिक व पुरातात्विक महत्ता को रेखांकित करती हैं। भोरमदेव महोत्सव और मंदिर का ऐतिहासिक महत्व इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर में विशेष स्थान प्रदान करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें