रिश्वत लेने वाला अकाउंटेंट सस्पेंड
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बीते 12 सितंबर की देर शाम को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कबीरधाम जिले में दबिश दी थी। इस टीम ने बोड़ला जनपद पंचायत के अकाउंटेंट नरेन्द्र कुमार राउतकर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। प्रार्थी मोती बैगा, ग्राम कुकरापानी, तहसील बोड़ला ने एंटी करप्शन ब्यूरो के रायपुर कार्यालय में शिकायत की गई थी कि उसकी पत्नी ग्राम पंचायत कुकरापानी की सरपंच है।
शासन द्वारा उनके ग्राम पंचायत को आंगनबाड़ी भवन कार्य के लिए 11.69 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। धनराशि का आहरण जनपद पंचायत बोड़ला कार्यालय से होना था। लगभग 5.84 लाख रुपए ग्राम पंचायत को जारी भी कर दिए गए थे। लेकिन, जनपद कार्यालय के अकाउंटेंट नरेन्द्र कुमार राउतकर द्वारा अगली किश्त जारी करने के एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। इस मामले में एसीबी ने कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
वहीं आज 17 सितंबर को अकाउंटेंट नरेन्द्र कुमार राउतकर को कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जनपद पंचायत बोड़ला के सीईओ द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर सस्पेंड किया है। एसीबी के रिमांड में लेकर अपने अभिरक्षा में रखे जाने व गिरफ्तारी अवधि 48 घंटे से अधिक होने के कारण छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 निलंबन नियम 9 (2) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में अकाउंटेंट नरेन्द्र कुमार राउतकर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
अकाउंटेंट का विवादों से गहरा नाता
एसीबी की कार्रवाई में गिरफ्तार अकाउंटेंट नरेन्द्र कुमार राउतकर का विवादों से गहरा नाता रहा है। यह बोड़ला में ही करीब 33 वर्ष से पदस्थ है। वर्ष 2021 में जनपद पंचायत बोड़ला में पदस्थ नरेन्द्र कुमार राउतकर के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इसने फर्जी तरीके ने न सिर्फ अपने भतीजे की सहायक ग्रेड- 3 पद पर नौकरी लगाई, बल्कि बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर पहले से काम रहे चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से पांच-पांच लाख यानी कुल 20 लाख रुपए घूस लेकर उन्हें रेगुलर (नियमित) करने का आरोप लगा था। उन्हें एक साल का वेतन सहित एरियर्स का भी भुगतान कर दिया था। हालांकि, उस समय कलेक्टोरेट से जांच बैठाई गई थी। तब सस्पेंड किया गया था। अब एसीबी के कार्रवाई बाद सस्पेंड हुआ है।