पत्रकारों ने थाने में शिकायत की
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बीजापुर जिले के स्थानीय पत्रकार भरत दुर्गम ने आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष सतीश मंडावी पर फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। राज्योत्सव कार्यक्रम की कवरेज के बाद यह विवाद बढ़ गया, जिसके बाद जिले के पत्रकारों ने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पत्रकार भरत दुर्गम ने अपने आवेदन में बताया कि चार नवंबर को उनके मोबाइल पर सतीश मंडावी ने बार-बार फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। भरत दुर्गम का कहना है कि यह धमकी राज्योत्सव की कवरेज और सोशल मीडिया पर खबरें व वीडियो पोस्ट करने के कारण दी गई है। पत्रकार ने आरोप लगाया कि मंडावी ने फोन पर मारने-पीटने की धमकी दी और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो पत्रकारों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
पत्रकारों ने सामूहिक रूप से कोतवाली थाने पहुँचकर आवेदन दिया और उचित कार्रवाई की मांग की। आवेदन पर थानेदार ने मुहर लगाते हुए शिकायत प्राप्त की है। भरत दुर्गम ने बताया कि घटना के समय मौजूद लोगों के बयान, कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो साक्ष्य जांच में शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
पत्रकारों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की भ्रष्टाचार की खबर लिखने के बाद हत्या कर दी गई थी। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे।