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पत्रकार मुकेश हत्याकांड: मुख्य आरोपी सुरेश की याचिका खारिज, अब यहां पर चलेगा ट्रायल, बताया था जान का खतरा

Fri, 01 May 2026 05:47 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

Journalist Mukesh Murder Case: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया है।  
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
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Journalist Mukesh Murder Case: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में मुख्य आरोपित सुरेश चंद्राकर सहित अन्य आरोपितों की आपराधिक स्थानांतरण याचिका (TPCR No. 07/2026) को खारिज कर दिया है।  मामले का ट्रायल दंतेवाड़ा कोर्ट में ही चलेगा। आरोपी सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके ने याचिका दायर कर मामले को दंतेवाड़ा से जगदलपुर ट्रांसफर करने की मांग की थी।

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बताया था जान को खतरा 
इस मामले में आरोपितों के वकील ने दलील दी कि थी जगदलपुर जेल से दंतेवाड़ा कोर्ट तक लगभग 80 किलोमीटर के रास्ते में उनकी जान को खतरा है। इस आधार पर ट्रायल जगह को बदलने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने आरोपितों के तर्कों को खारिज करते हुए अदालत को बताया कि पेशी में कोई सुरक्षा या लाजिस्टिक दिक्कत नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था उपलब्ध है। जरूरत के मुताबिक आरोपितों को दंतेवाड़ा जेल भेजा जा सकता है।

याचिका खारिज
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा का हवाला देकर ट्रायल की प्रक्रिया और स्थान को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अब इस मामले में सभी आरोपितों को चार मई को दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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जानें क्या था मामला
 पत्रकार मुकेश चंद्राकर की एक जनवरी 2025 को निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। उनका शव उनके चचेरे भाई ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर के सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया था। मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर किया था। इस वजह से रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई। इस केस का मास्टरमाइंड ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने अपने अन्य भाइयों और सहयोगी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। शव को छिपाने के लिये सैप्टिक टैंक पर कांकीटिकरण कर दी गई थी। बाद में मुकेश के साथी पत्रकारों ने शव को ढूंढ निकाला। 

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