राजधानी रायपुर में अंधविश्वास और फर्जी उपचार के चलते हुई एक महिला की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले को अंधविश्वास के खिलाफ एक बड़ी न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है।
राजधानी रायपुर में अंधविश्वास और फर्जी उपचार के चलते हुई एक महिला की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले को अंधविश्वास के खिलाफ एक बड़ी न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है।
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मामले में दोषी पाई गई ईश्वरी साहू को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास दिया गया है। इसके अलावा धर्म से जुड़े दुरुपयोग और टोनही प्रताड़ना जैसे मामलों में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंधविश्वास के नाम पर किसी की जान लेना गंभीर अपराध है।
जानकारी के मुताबिक, योगिता सोनवानी नामक महिला को इलाज के लिए आरोपी के पास ले जाया गया था। आरोपी खुद को चमत्कारी शक्तियों वाला बताकर इलाज करने का दावा करती थी। उसने कथित तौर पर तेल और गर्म पानी से उपचार किया, जिससे महिला की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से झाड़-फूंक और अंधविश्वास के जरिए लोगों को गुमराह कर रही थी। इसी तरह के अमानवीय इलाज के चलते महिला की जान चली गई।