जिले के गांव भावतरा में बीती रात पारिवारिक विवाद और जमीन संबंधी मामले को लेकर चार लोगों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या के संदेही सोनसाय और उसके बेटे गोलू को हिरासत में लिया है। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल भेजे गए हैं।
जांजगीर चांपा में निर्मम हत्या
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम भावतरा निवासी मेदनी प्रसाद कश्यप (70 वर्ष), उनकी पत्नी कांति बाई, नाती पीतांबर (17 वर्ष) और नतनी मोगरा (मुख बाधित) बुधवार रात करीब 9 बजे खाना खाकर सो गए थे। पीछे नया मकान बन रहा था। सुबह लगभग 7:30 बजे जब एक परिजन घर पहुंचा, तो सामने का दरवाजा बंद मिला। उसने पीछे से जाकर देखा तो चारों खाट पर मृत अवस्था में पड़े थे। इसके बाद घटना की सूचना सरपंच के माध्यम से तत्काल पुलिस को दी गई।
जांजगीर चांपा में निर्मम हत्या
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पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप सहित पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर को सील कर दिया। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और श्वान दल की टीम भी मौके पर पहुंची। श्वान दल ने जांच के दौरान घर के पीछे बाड़ी के रास्ते संदेही सोनसाय के घर का पता लगाया। संदेही के घर पर ताला लगा था, जिसे तोड़ने पर हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने बताया कि यह मामला पारिवारिक विवाद और जमीन से जुड़ा हुआ है। चारों शव खाट पर थे, जिनमें दादी और मोगरा एक खाट पर सो रहे थे, जबकि दादा और नाती दूसरी खाट पर मृत पाए गए। पुलिस ने सभी आवश्यक सबूत एकत्रित कर आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की है।
संदेही सोनसाय कश्यप का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसने 17 साल पहले अपने छोटे भाई की भी निर्मम हत्या की थी, जिसके लिए वह जेल जा चुका है। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है।