सक्ती जिले में आबकारी विभाग ने अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से मिली शिकायत के बाद यह अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत 9 अवैध भट्टियों को ध्वस्त किया गया है।
अभियान के दौरान 110 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही लगभग 1600 किलो महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। यह कार्रवाई ग्राम रायपुरा तांदुलडीह में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के बाद हुई। शिविर में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि बांधा तालाब किनारे लंबे समय से अवैध रूप से महुआ शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी नितिन शुक्ला ने निर्देश दिए। इन निर्देशों पर आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार तड़के दबिश दी। आबकारी टीम जब रायपुरा भाटापारा तांदुलडीह स्थित बांधा तालाब पहुंची, तब वहां महुआ शराब बनाने की 9 भट्टियां संचालित मिलीं। टीम को देखकर शराब निर्माण में लगे लोग मौके से भाग गए। इसके बाद आबकारी अमले ने सभी अवैध भट्टियों को घटनास्थल पर ही ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आसपास छिपाकर रखी गई लगभग 110 लीटर महुआ शराब बरामद की। इस जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त, तालाब में प्लास्टिक की 80 बोरियों में छिपाकर रखा गया लगभग 1600 किलो महुआ लाहन भी जब्त किया गया। इस महुआ लाहन की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये आंकी गई है। आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त महुआ लाहन से बड़ी मात्रा में अवैध शराब तैयार की जानी थी।
विभागीय टीम ने मौके पर महुआ लाहन के नमूने लिए। नमूने लेने के बाद पूरे लाहन का विधिवत नष्टीकरण किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।