जगदलपुर सेंट्रल जेल में लगाई गई लोक अदालत।
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छत्तीसगढ़ के जगदलपुर और बेमेतरा में लगाई गई जेल लोक अदालत में पांच कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया गया है। इन कैदियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। इसके बाद कोर्ट ने जेल में बिताई गई सजा के आधार पर उन्हें छोड़ने का आदेश दिया। जगदलपु में लगी लोक अदालत में नौ मामलों की सुनवाई की गई। जगदलपुर में जेल लोक अदालत में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कंवर और मीनाक्षी नाग और बेमेतरा में जिला कोर्ट के सीजीएम और एसडीएम ने सुनवाई की।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति व छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार के मार्गदर्शन में केन्द्रीय जेल जगदलपुर में दो अप्रैल को राज्य स्तरीय वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। सुनवाई में लेबो बघेल, मनीराम पोडियामी और अमित राय उर्फ पलटु के अपराध कबूलने के आधार पर उनके प्रकरणों का निराकरण किया गया।
बेमेतरा जिला जेल में जिला कोर्ट के सीजीएम और एसडीएम बेमेतरा की लोक अदालत लगी थी। लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय की ओर से निरुद्ध एक बंदी को रिहा किया गया। इसी प्रकार एसडीएम न्यायालय की ओर से निरुद्ध एक बंदी को भी रिहा किया गया। इस दौरान एसडीएम सुरुचि सिंह ने जेल का निरीक्षण किया। जेल की कैपेसिटी 150 कैदियों की है और वर्तमान में 107 बंदी हैं। बंदियों के बैरक में साफ-सफाई ठीक पाई गई। चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया गया, जहां एक फार्मासिस्ट और एक कंपाउंडर बैठते हैं।