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इस मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित नहीं महिला गार्ड: बोलीं- कंपनी मैनेजर करता है अश्लील बातें, वेतन भी देता है कम

Wed, 07 Jun 2023 02:10 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर

सार

सुरक्षाकर्मियों ने बताया की ज्ञापन देने के दौरान फोटो भी खिंचवाई गई थी, लेकिन आरोपियों ने उसे डिलीट करा दिया। उनको डर था कि फोटो वायरल होगी तो कंपनी की बदनामी होगी। 
 
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जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में सुरक्षाकर्मियों की भर्ती। (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सुरक्षाकर्मियों की ही सुरक्षा खतरे में है। इसके विरोध में अब गार्डों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला सुरक्षा गार्डों ने कंपनी के संचालक और मैनेजर के खिलाफ अश्लील बातें करने, वेतन कम देने और वर्दी के लिए पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने राज्य महिला आयोग और कलेक्टर से शिकायत कर ज्ञापन भी सौंपा है। सुरक्षाकर्मियों का यह भी आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के बाद अब उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। 

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यह भी पढ़ें...खतरे में सुरक्षाकर्मियों की जेब: मेडिकल कॉलेज में पुरानी कंपनी ने 2 माह का वेतन नहीं दिया, नई मांग रही 5 हजार

वर्दी के लिए पांच हजार रुपये देने का बना रहे दबाव
जानकारी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 40 से अधिक सुरक्षाकर्मी सोमवार को सिक्योरिटी कंपनी के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि बस्तर के ग्रामीणों को नौकरी देने के लिए वर्दी के नाम पर पांच हजार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। वे लोग मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ट्रेंड सुरक्षाकर्मी हैं। नियमों में उन्हें अर्द्धकुशल श्रमिक बताया गया है, लेकिन कंपनी की ओर से अकुशल श्रमिक के तौर पर 650 रुपये महीना वेतन कम दिया जा रहा है। 
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सुरक्षाकर्मियों से करते है अश्लील बातें
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पुरानी महिला सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया है कि नई कंपनी बालाजी सिक्योरिटीज का संचालक हर्षवर्धन द्विवेदी और मैनेजर उमाशंकर मिश्रा उनसे अश्लील बातें करते हैं। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर आर्थिक और मानिसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कलेक्टर ने मामले में दोनों आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। आरोप है कि ज्ञापन सौंपने की जानकारी मिलने पर उन्हें एक लाइन मे खड़ा कर प्रताड़ित किया गया और धमकाया गया। 

जूता, टोपी और वर्दी के नाम पर वसूली
करीब 12 वर्ष पहले मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में सीडीओ कंपनी ने 187 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारियों की भर्ती की थी। उन्हें हर माह 8686 रुपये का भुगतान किया जाता था। पीएफ के नाम पर भी 1200 रुपये काटे जाते। अब एक जून से इंदौर की कंपनी बालाजी को इसका टेंडर सौंपा गया है। पुराने सभी कर्मचारियों को लेने के साथ ही नई भर्ती भी की जा रहा है। आरोप है कि कपंनी मैनेजर उमाशंकर भर्ती के नाम पर पांच हजार रुपये की डिमांड कर रहा है। उसे ड्रेस कोड, जूते और टोपी का खर्चा बताया जा रहा। 
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नही दूंगा जानकारी, जाओ डीन से पूछो
इस मामले में पहले भी बालाजी सिक्योरिटी का मैनजर उमाशंकर मिश्रा से बात करने का प्रयास किया गया था। तब मिश्रा ने कहा था कि, नई भर्ती कितनों की हो रही है, क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में कुछ भी नही बताऊंगा। जिसको पूछना है जाओ डीन से पूछो। कितना पैसा ले रहे है, ये हम क्यों बताएं। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने भी इसे गलत तो बताया था, अपना पल्ला झाड़ लिया था। प्रबंधन का कहना था कि, सुरक्षाकर्मी से लेकर सफाई कर्मी की भर्ती करनी है। भर्ती प्रक्रिया हमारी नहीं है। 


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