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Jagdalpur: सुरक्षाकर्मियों की भर्ती में हो रही लेनदेन की जांच करने पहुंची पुलिस, दो घंटे तक चली पूछताछ

Sat, 03 Jun 2023 04:46 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

पुलिस के द्वारा 2 घंटे तक चले पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा मैनेजर से भर्ती प्रक्रिया के दौरान किस गाइड लाइन का उपयोग कर रहे है, इस मामले के दौरान युवा युवतियों से लेने वाले दस्तावेज के साथ ही अन्य कागजात की मांग भी की गई है।
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सुरक्षाकर्मियों की भर्ती में हो रही लेनदेन की जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में चार दिनों से लगातार सुरक्षाकर्मियों की भर्ती में चल रहे लेनदेन की खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को परपा पुलिस की टीम जांच करने पहुंची। जहां पुलिस के द्वारा 2 घंटे तक चले पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा मैनेजर से भर्ती प्रक्रिया के दौरान किस गाइड लाइन का उपयोग कर रहे है, इस मामले के दौरान युवा युवतियों से लेने वाले दस्तावेज के साथ ही अन्य कागजात की मांग भी की गई है। इसके अलावा कुछ दस्तावेजों को पढ़ने के साथ ही अपने साथ ले गई है।  

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मामले के बारे में कुछ युवाओं ने नाम ना लिखने की शर्त पर बताया कि मेकाज के पुराने टेंडर सीडीओ कंपनी के हटने के बाद इंदौर की बालाजी सिक्योरिटी कंपनी को इसका टेंडर दिए जाने की बात सामने आई थी। जहां बस्तर के हजारों युवा यहां नौकरी के लिए आकर अपना दस्तावेज जमा कर रहे थे, लेकिन इसी मामले में हो रही भर्ती में पैसे लेकर युवाओं की भर्ती करने की बात भी सामने आई। जहां युवाओं ने कंपनी के मैनेजर के ऊपर आरोप लगाते हुए पैसे लेकर भर्ती करने की बात भी सामने आई, जिसका विरोध करने पर युवाओं के साथ बदतमीजी करने के साथ ही उन्हें भगा दिया गया।

 

मामले की खबर प्रकाशित होने के बाद परपा थाने में पदस्थ एएसआई राजेश सिंह बेरू, प्रधान आरक्षक सुधीर मिश्रा व आरक्षक नीरज मेकाज स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंच करीब 2 घंटे तक पूछताछ करने के साथ ही उनके पास के कागजात आदि को दिखाने की बात भी कही, जहां हर एक दस्तावेज की मांग की गई है, वहीं मैनेजर उमाशंकर मिश्रा के द्वारा पुलिस को अपने दिए बयान में कहा की अभी वो जार्च में नही है, कंपनी का पूरा हिसाब किताब बालाजी कंपनी के हर्षवर्धन के द्वारा देखा जा रहा है, इस मामले में मेरा कोई भी हस्तक्षेप नहीं है, साथ ही कंपनी के द्वारा ही पैसा तय किया गया है। 


एएसआई ने पूछा क्यों ले रहे हैं पांच हजार

एएसआई राजेश सिंह ने जब कंपनी के मैनेजर उमाशंकर मिश्रा से पूछा की इस भर्ती के दौरान पांच हजार रुपये किस बात के ले रहे हो, इस पर मैनेजर उमाशंकर मिश्रा का कहना था कि बस्तर के बेरोजगार युवाओं से भर्ती के नाम पर ड्रेस कोड देने के साथ ही जूते देने की बात कहते हुए पांच हजार रुपए लिया जा रहा है। पुलिस ने अपनी पूछताछ में मैनेजर से पूछा यह कंपनी कितने सालों से काम कर रही है साथ ही इस कंपनी के कर्मचारी और कहा कहा सेवा दे रहे है। पुलिस ने पूछताछ में बताया की कंपनी से जब दस्तावेजों की मांग की गई तो उन्होंने इसके लिए 3 दिन का समय मांगा है, जिसके बाद वे इसकी पूरी जानकारी थाने में लाकर जमा कर देने की बात कही है।  

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