जगदलपुर शहर से लगे कुरंदी जंगल के पास बने गौ शाला के पीछे हिस्से में एक घायल मादा हिरण को देखा गया। सूचना पर गौ सेवा के सदस्यों ने घायल हिरण को अपने गौ शाला में लाया। कर्मचारियों ने उसे किसी तरह से कुत्तों से बचाया।
जगदलपुर शहर से लगे कुरंदी जंगल के पास बने गौ शाला के पीछे हिस्से में एक घायल मादा हिरण को देखा गया। सूचना पर गौ सेवा के सदस्यों ने घायल हिरण को अपने गौ शाला में लाया। कर्मचारियों ने उसे किसी तरह से कुत्तों से बचाया। वन विभाग के कुरंदी नाका के सदस्यों को सूचना दी गई। बाद में विभान ने जंगल में ले जाकर हिरण को छोड़ दिया।
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गौ शाला संचालक दीपक पनपालिया ने बताया कि शनिवार की सुबह 11 बजे गौशाला के पिछले हिस्से के बाउंड्री के अंदर घायल और बीमार अवस्था में एक मादा हिरण को देखा गया। गौशाला के कर्मचारियों ने उसे कुत्तों से बचाया। इस दौरान एक बछिया ने घायल हिरण को प्यार से दुलारा। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है।
परिक्षेत्र अधिकारी माचकोट बीडी मानिकपुरी ने बताया कि मादा हिरण करीब 1 साल की थी जो कुरंदी के जंगल से भटकते गौशाला तक पहुंच गई । मादा हिरण कटीले तार के चपेट में आने के कारण उसके पेट और पैर में चोट के निशान थे। उसका इलाज कराने के बाद कुरंदी से आगे कावापाल के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।