बीजापुर जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के ग्राम अम्बेली में हुए आईईडी धमाके में एक आम वाहन चालक की भी मौत हो गई। इस घटना के बारे में परिजनों को पता ही नहीं था, देर शाम जब बीजापुर पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया, पिता को इस बात की भी जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा पुलिस विभाग में वाहन चलाने का काम कर रहा था।
मामले के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बस्तर जिले के कोड़ेनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़े आरापुर निवासी कमल साय राना का सबसे छोटा बेटा तुलेश्वर राना 25 वर्ष कुछ समय तक नगरनार स्थित एनएमडीसी में वाहन चलाने का काम करता था। अचानक से वहां से कुछ महीने पहले ही पुलिस लाइन में वाहन चलाने का काम करने लगा। वीआईपी दौरा या फिर जवानों को लाने ले जाने का काम तुलेश्वर के द्वारा किया जा रहा था। तुलेश्वर अपने दोस्तों के साथ जगदलपुर में ही एक किराए के मकान में रह रहा था। आखिरी बार 20 या 22 दिसंबर को अपने घर गया था, जहां अपने परिजनों से बात करने के बाद चला गया था। चार भाई-बहनों में तुलेश्वर को छोड़कर सभी भाई-बहन की शादी हो चुकी है। आज सुबह भी तुलेश्वर की अपनी मां से बात हुई, उसके बाद उसने अपने सोशल मीडिया के अकाउंट के स्टेटस में अपनी एक फोटो भी शेयर की, लेकिन सोमवार की दोपहर को तुलेश्वर को बिल्कुल भी अहसास नहीं हुआ कि आज के बाद वह अपने घर नहीं जा पाएगा, नक्सलियों के द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से आठ डीआरजी जवान के साथ ही वाहन चालक तुलेश्वर राना ने भी अपनी जान गंवा दी।