छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के भांसी थाना क्षेत्र में जादू टोना के शक में एक युवक ने अपने ही पड़ोसी बुजुर्ग की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना 27 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे ग्राम मांझीपारा मसेनार में हुई।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के भांसी थाना क्षेत्र में जादू टोना के शक में एक युवक ने अपने ही पड़ोसी बुजुर्ग की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना 27 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे ग्राम मांझीपारा मसेनार में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भीमा अतरा को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया।
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विवाद की शुरुआत और खूनी अंजाम
जानकारी के अनुसार, ग्राम मांझीपारा मसेनार निवासी मुरहा अतरा (66 वर्ष) और उनके पड़ोस में रहने वाले भीमा अतरा के बीच जादू-टोना को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। 27 जनवरी की शाम को यह विवाद इतना बढ़ गया कि भीमा अतरा आपे से बाहर हो गया। गुस्से में उसने घर के पास पड़े लकड़ी के एक खोटले (डंडे) को उठाया और मुरहा अतरा के सिर पर प्राणघातक वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण मुरहा अतरा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी भीमा अतरा घटना स्थल से फरार हो गया।
पुलिस की तत्परता और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। प्रार्थी अनिल अतरा की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की एक टीम ने सक्रियता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी भीमा अतरा को ग्राम मसेनार में दबिश देकर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का खोटला भी बरामद कर जप्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय बचेली के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के कारण होने वाली जघन्य वारदातों की ओर इशारा किया है।