बस्तर जिले में पांच ग्रामीणों ने मिलकर गांव में सिरहा गुनिया का काम करने वाले युवक की हत्या करने के बाद उसके शव को जंगल में छुपा दिया गया था। सिरहा के घर नहीं आने पर परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया, जहां पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश कर दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी घनश्याम कामडे ने बताया कि थाना भानपुरी के ग्राम खण्डसरा के मरदियापारा के रहने वाला मंगडूराम बघेल अपने परिवार के साथ रहकर कृषि कार्य के साथ सिरहा गुनिया का भी काम किया करता था। आठ अगस्त को दोपहर में अपने घर से खण्डसरा बाजार जाने के लिये निकला था जिसके बाद वापस घर नही आया। पुलिस ने पतासाजी के लिए पुलिस टीम भी लग गई। पतासाजी के दौरान 13 अगस्त को ग्राम सालेमेटा के कोसारडेंड़ा डेम के पास पुरूष का शव मिलने पर तुलाराम बघेल को बुलाकर पहचान करवाने पर उसने अपने पिता मंगडूराम बघेल के रूप में पहचान किया।
शव मिलने पर पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर जांच पर लिया गया। मृतक मंगडूराम बघेल गांव में बैगा, सिरहा गुनिया, का काम किया करता था। उसके इस काम से गांव के कुछ लोग खुश नही थे और उससे रजिश रखते थे। गांव के चार लोगों ने एक राय होकर मंगडूराम बघेल को जान से मारने की योजना बनाकर ग्राम सोरगांव निवासी कालीचरण कश्यप और ग्राम कतावण्ड थाना अनंतपुर जिला कोण्डागांव के विजय मण्डावी से सम्पर्क कर मंगडूराम बघेल को जान से मारने हेतु 85 हजार रूपये में सौदाबाजी दिये, इन चारों के द्वारा सौदे की रकम में से 40 हजार रूपये कालीचरण कश्यप और विजय मण्डावी को एडवांस में दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरप्तार कर लिया है।