ये पूरी घटना नगरनार थाना क्षेत्र के चेरपाल में रहने वाले युवक ने अपनी आपबीती में बताई। घटना के बारे में जानकारी देते हुए चेरपाल निवासी रामदेव (40 वर्ष) पिता सोनू ने बताया की 10 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी, शादी के बाद उसके तीन बच्चे भी है। आरोप लगाते हुए बताया की अभी कुछ दिनों से ही उसका पत्नी सुमित्रा के साथ विवाद शुरू हो गया। आए दिन गाली-गलौज और विवाद से त्रस्त होकर रात करीब दो बजे के लगभग उसने घर के अंदर ही कनेर बीज को परिवार से छुपाकर उसे कूट-कूट कर पानी में मिलाकर पी लिया, जिसके बाद रामदेव बिहोश हो गया।
बिहोशी के हालत में देख बड़ी बेटी गोरामणि (10 वर्ष) और गीता (8 वर्ष) ने पिता को मृत समझ पिता के बड़े भाई व मां को सूचना दी कि पिता की मौत हो गई है। जिसके बाद गांव के लोग उसके घर में जमा होने लगे, घर के ही लोगों ने उसे पूजा घर में ले जाकर पाठ शुरू कर दिया। सुबह करीब सात बजे के लगभग जैसे ही रामदेव को होश आया, परिजन उसे उठाकर नानगुर के स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से उसे मेकाज रेफर किया गया है, मेकाज में उसे भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।